logo

पुनरूत्थान के साक्षी

मानवी पाप के लिए भगवान ने स्वीकृत किया हुआ एकमात्र बलिदान येशू का बलिदान हैं। और इस बलिदान के स्वीकृती की घोषणा उन्होंने येशू का तिसरे दिन मृत्यु से पुनरूत्थान करके की।

येशू के शिष्यों के अलावा धर्म प्रचारक पॉल 500 अन्य गवाहों का निर्देश करता हैं जो येशू के पुनरूत्थान के पश्चात उनसे मिले थे, और उनमें से अधिकतम तत्पश्चात 25 वर्षों से भी ज्यादा समय तक जीवित रहे। (1.कॉरिन्थियन्स 15,6). उनके क्रूसिफ़िक्शन (क्रूसारेपित) को अंजाम देनेवाले रोमनों के साथ साथ इससे भी ज्यादा लोगों ने येशू का मृत्यु देखा।

bilde

पुनरूत्थान के पश्चात, येशू ने अपने शिष्यों से कहा: "फिर उस ने उन से कहा, ये मेरी वे बातें हैं, जो मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए, तुम से कही थीं, कि अवश्य है, कि जितनी बातें मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं, सब पूरी हों। तब उस ने पवित्र शास्त्र बूझने के लिये उन की समझ खोल दी। और उन से कहा, यों लिखा है; कि मसीह दु:ख उठाएगा, और तीसरे दिन मरे हुओं में से जी उठेगा। और यरूशलेम से लेकर सब जातियों में मन फिराव का और पापों की क्षमा का प्रचार, उसी के नाम से किया जाएगा। तुम इन सब बातें के गवाह हो।" (लूका 24, 44-48)

पुनरूत्थान के पश्चात येशू अपने शिष्यों से पहली बार मिले, तब उनमें बारह शिष्यों में से एक थॉमस नहीं था। "परन्तु बारहों में से एक व्यक्ति अर्थात थोमा जो दिदुमुस कहलाता है, जब यीशु आया तो उन के साथ न था। जब और चेले उस से कहने लगे कि हम ने प्रभु को देखा है: तब उस ने उन से कहा, जब तक मैं उस के हाथों में कीलों के छेद न देख लूं, और कीलों के छेदों में अपनी उंगली न डाल लूं, और उसके पंजर में अपना हाथ न डाल लूं, तब तक मैं प्रतीति नहीं करूंगा॥ आठ दिन के बाद उस के चेले फिर घर के भीतर थे, और थोमा उन के साथ था, और द्वार बन्द थे, तब यीशु ने आकर और बीच में खड़ा होकर कहा, तुम्हें शान्ति मिले। तब उस ने थोमा से कहा, अपनी उंगली यहां लाकर मेरे हाथों को देख और अपना हाथ लाकर मेरे पंजर में डाल और अविश्वासी नहीं परन्तु विश्वासी हो। यह सुन थोमा ने उत्तर दिया, हे मेरे प्रभु, हे मेरे परमेश्वर! यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया॥" (यूहनना 20, 24-29)